बॉलीवुड फिल्म ‘कभी ख़ुशी कभी ग़म’ में ये 10 गलतियां आपने कभी नहीं की होंगी नोटिस!

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बॉलीवुड के जाने माने डायरेक्टर, प्रोडूसर और एक्टर करण जौहर की फिल्म ‘कभी ख़ुशी कभी ग़म’ को 17 साल हो गए हैं। शाहरुख़ खान, काजोल, अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, ऋतिक रौशन और करीना कपूर जैसे बड़े नामों से भरी इस फिल्म में वो सब कुछ था जो एक फिल्म को सुपरहिट बना सकता था। और फिल्म हिट भी साबित हुई। ‘कभी ख़ुशी कभी ग़म’ को बॉलीवुड में एक आइकॉनिक फिल्म का दर्जा मिल चुका है और हर किसी ने कभी न कभी ये फिल्म ज़रूर देखी है। लेकिन क्या आपको पता है, इस फिल्म में बहुत सारी गलतियां थीं, ऐसी गलतियाँ जिन पर आपने ध्यान नही दिया होगा, आईये आपको फिल्म की उन गलतियों से रूबरू करते है।

फिल्म में कारों  का जादू 

ऋतिक जब करीना के कॉलेज पहुंचते हैं तो वो लाल रंग की लैम्बर्गिनी कार में बैठे होते हैं। लेकिन एक दूसरे सीन में जब वो शाहरुख़ के साथ हैं तो उनके पास सिल्वर मर्सिडीज़ है। ये क्या जादू ने दी ?

हाथो में चूड़ियाँ इन, चूड़ियाँ आउट

करीना के फ़ैशन के साथ फिल्म में बहुत लोचा था। एक गाने में, एक शॉट में करीना के हाथ में 2 चूड़ियाँ हैं, लेकिन दूसरे शॉट में ये चूड़ियाँ गायब हैं।

चांदनी चौक में पहाड़ 

काजोल और शाहरुख़ की पहली डेट चांदनी चौक के एक मेले में थी। लेकिन मेले का सीन शुरू होते ही आपको पहाड़ और वादियां नज़र आती हैं। सोचिए… चांदनी चौक में पहाड़।

ऋतिक ने अपने पापा को गलत पता बता दिया

 फिल्म में जब ऋतिक अपने मम्मी-पापा को भाई से मिलाने लंदन बुलाते हैं, तो एड्रेस बताते हैं- ब्लूवाटर शॉपिंग सेण्टर। लेकिन असल में ये शॉपिंग सेण्टर लंदन में नहीं, केंट में है।

अमिताभ बच्चन उस वक़्त भी टेक्नोलॉजी में काफी ऊँगली करते थे

फिल्म की कहानी फ़्लैशबैक में शुरू होती है, और साल 1991 में जाती है। लेकिन अमिताभ बच्चन नोकिया 9000 फोन चलाते दिखते हैं। लेकिन ये फोन तो लॉन्च ही 1996 में हुआ था।

अमिताभ कुछ ज़्यादा ही एडवांस हो गए

बिग बी अमिताभ बच्चन भयंकर ज़बरदस्त बिज़नेसमैन थे। लेकिन उन्होंने LCD टीवी अपनी कुर्सी के पीछे क्यों लगवाया हुआ था ?

रात के 2 बजे से क्रिकेट मैच

एक सीन में ऋतिक और शाहरुख़ सुबह-सुबह ड्राइव पर निकले हैं। और वो दोनों ओवल, इंग्लैंड में हो रहे इंडिया-इंग्लैंड के क्रिकेट मैच की बात कर रहे होते हैं। शाहरुख़ कहते हैं, अब कुछ ही ओवर बचे हैं और इंडिया जीतने वाला है। तो मतलब मैच क्या सुबह 2 बजे शुरू हुआ था ?

अमिताभ बच्चन टाइम-मशीन भी थे 

‘शावा शावा’ गाने के एंड में ये सीन है। अमिताभ बच्चन, आमिर की फिल्म ‘ग़ुलाम’ का गाना ‘आती क्या खंडाला’ गा कर जाया बच्चन को इम्प्रेस कर रहे हैं। लेकिन ‘गुलाम’ फिल्म तो 1998 में आई थी और कभी ख़ुशी कभी ग़म’ की कहानी का साल था 1991। तो क्या अमिताभ साहब टाइम मशीन बन गए थे ?