जब रामानंद सागर के सपने में आए थे दारा सिंह, ऐसे मिला रामायण में हनुमान का रोल!

0
15

दोस्तोंकोरोना महामारी के कारण देश में लगे लॉक डाउन के चलते ऐसे में दूरदर्शन पर दोबारा रामानंद सागर की ‘रामायण’ का प्रसारण किया जा रहा है। इन दिनों इससे जुड़े किस्से सामने आ रहे हैं। आज हम आपको ‘रामायण’ में हनुमान का किरदार अदा करने वाले दारा सिंह से जुड़ा एक किस्सा आपको बता रहे हैं, जिसका खुलासा उनके बेटे विंदू ने किया है। ‘रामायण’ में हनुमान का रोल अदा करने वाले महान अभिनेता दारा सिंह पहले भी यह भूमिका निभा चुके थे।

जब रामानंद सागर के सपने में आए थे दारा सिंह, ऐसे मिला रामायण में हनुमान का रोल! 11

जब रामानंद सागर के सपने में आए थे दारा सिंह, ऐसे मिला रामायण में हनुमान का रोल! 12

आपको बता दे की दारा सिंह के बेटे विंदू ने बताया कि चंद्रकांत ने 1976 में उनके पिता को ‘हनुमान’ बनाने का काम सबसे पहले किया था। चंद्रकांत ने फिल्म ‘बजरंग बली’ बनाई थी। इस फिल्म के डायरेक्ट और प्रोड्यूसर चंद्रकांत थे। विंदु ने कहा कि इस फिल्म में उनके पिता ने हनुमान का रोल अदा किया था। ये फिल्म ब्लॉकबस्टर रही और इसके बाद उनके पिता को ‘पवन पुत्र हनुमान’ के नाम से पहचाना जाने लगा था। बता दें कि ये फिल्म 22 सितंबर 1976 को रिलीज हुई थी।

जब रामानंद सागर के सपने में आए थे दारा सिंह, ऐसे मिला रामायण में हनुमान का रोल! 13

जब रामानंद सागर के सपने में आए थे दारा सिंह, ऐसे मिला रामायण में हनुमान का रोल! 14

बजरंग बली की रिलीज़ के 11 साल बाद रामानंद सागर ने ‘रामायण’ बनाई। विंदु ने कहा कि जब रामानंद सागर ने ‘रामायण’ बनाना शुरू किया था तो दीपिका चिखलिया सीता की भूमिका के लिए उनकी पहली पसंद थीं। जबकि राम के रोल के लिए अरुण गोविल उनकी पहली पसंद नहीं थे। विंदु ने आगे बताया कि अरुण गोविल किसी दूसरे रोल के लिए सिलेक्ट किए गए थे। लेकिन अरुण गोविल केवल राम का किरदार अदा करना चाहते थे। उन्होंन कहा कि रामानंद सागर को एक रात सपने में मेरे पिता हनुमान के रूप में दिखाई दिए। इसके बाद मेरे पिता के पास यह रोल आया। उनके पास जिस वक्त ये रोल आया तो उनके पास इसे करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था, क्योंकि रामानंद सागर को कोई मना नहीं करता था।”

जब रामानंद सागर के सपने में आए थे दारा सिंह, ऐसे मिला रामायण में हनुमान का रोल! 15

विंदू ने बताया, “मेरे पिता उस समय 60 वर्ष के थे और वर्षों तक कुश्ती लड़ने के बाद उनके घुटने और कंधे उन्हें परेशान करने लगे थे। रामानंद सागर ने उन्हें हनुमान की भूमिका निभाने के लिए राजी कर लिया। वह ‘हनुमान’ की भूमिका के लिए पूरी तरह से फिट थे।” उन्होंने कहा, ”मेरे पिता ने बीआर चोपड़ा की ‘महाभारत’ में केवल एक बार हनुमान की भूमिका निभाई, लेकिन वह काफी छोटा रोल था।”बता दे की 19 नवंबर 1928 को जन्मे दारा सिंह का 83 वर्ष की आयु में मुंबई में निधन हो गया था।