क्रिकेट का भगवान् कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर पर लग चूका है बेईमानी का आरोप, लगा दिया गया था खेलने पर बैन!

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दोस्तों क्रिकेट जगत के भगवान कहे जाने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने 22 गज की पट्टी पर 24 साल तक अपनी बल्लेबाज़ी से विरोधी गेंदबाजों को खूब परेशान किया। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ टेस्ट क्रिकेट में बल्कि वनडे क्रिकेट में भी सबसे ज़्यादा रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया, क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को सिर्फ 100 शतक लगाने के लिए नहीं मिली है। बड़े-बड़े रिकॉर्ड बनाने वाले सचिन का एक मैच ऐसा भी आया जब उनका मनोबल तोड़ने की कोशिश हुई, जब सचिन की प्रतिष्ठा को तोड़ने की कोशिश हुई, जब सचिन को ‘बेईमान’ बताकर उन्हें बैन कर दिया गया। आइए आपको बताते हैं उस घटना के बारे में जिसे भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े विवादों में गिना जाता है।

क्रिकेट का भगवान् कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर पर लग चूका है बेईमानी का आरोप, लगा दिया गया था खेलने पर बैन! 13बता दे की साल 2001, पोर्ट एलिजाबेथ का मैदान और भारत-साउथ अफ्रीका के बीच चल रहे दूसरे टेस्ट का तीसरा दिन था, सचिन तेंदुलकर गेंदबाजी करने आए और उनकी गेंद बहुत ज्यादा स्विंग होने लगी। जिस पिच पर दूसरे गेंदबाज स्विंग कराने में नाकाम हो रहे थे, वहां सचिन की गेंद इतनी ज्यादा कैसे घूम रही है, बस यही जानने के लिए स्थानीय टीवी प्रोड्यूसर ने कैमरामैन को निर्देश दिया कि वो सचिन की उंगलियों पर फोकस करे। अचानक सचिन की दो तस्वीरें टीवी पर दिखाई जाने लगी जिसमें वो अपने अंगूठे और बाएं हाथ की उंगली से गेंद की सीम साफ कर रहे थे। ये तस्वीरें बार-बार दिखाई जाने लगी और देखते ही देखते सचिन तेंदुलकर पर गेंद से छेड़छाड़ का आरोप लग गया।

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पोर्ट एलिजाबेथ टेस्ट के मैच रेफरी इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइक डेनिस थे। सचिन की गेंद को साफ करने वाले वीडियो उन्होंने अपने पास मंगवाई और उन्होंने सचिन पर गेंद से छेड़छाड़ का आरोप तय कर दिया। डेनिस ने सचिन पर एक मैच का बैन लगाया और उनकी 75 फीसदी मैच फीस भी काट ली। अब यहां दिलचस्प बात ये है कि मैदानी अंपायरों ने सचिन की शिकायत नहीं की थी। किसी अंपायर को नहीं लगा कि गेंद से छेड़छाड़ हुई है लेकिन मैच रेफरी डेनिस ने सिर्फ टीवी फुटेज देख फैसला ले लिया।

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इसके बाद मैच रेफरी डेनिस ने सचिन को आरोपों पर सुनवाई के लिए बुलाया। सचिन ने गेंद से छेड़छाड़ के आरोपों को मानने से साफ इनकार कर दिया। सचिन ने सुनवाई के दौरान माना कि वो सीम साफ कर रहे थे और वो अंपायर को बताना भूल गए। सचिन ने मैच रेफरी को कहा कि आप अंपायरों से बात कीजिए कि क्या गेंद से छेड़छाड़ हुई लेकिन रेफरी डेनिस ने सचिन की बात नहीं सुनी और उनपर बैन लगा दिया।

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सचिन पर बैन लगाने की खबर जैसे ही मीडिया में आई, उनके करोड़ों प्रशंसक भड़क गए। चारों ओर आईसीसी और उसके मैच रेफरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन होने लगे। इस बीच सचिन ने बीसीसीआई से इसकी शिकायत की और बोर्ड ने अपने दिग्गज खिलाड़ी का पूरा साथ दिया। बीसीसीआई ने मैच रेफरी के फैसले को एकतरफा बताया और आईसीसी से अपील कर डाली कि वो तुरंत डेनिस को अगले टेस्ट मैच से बतौर मैच रैफरी बाहर करे। आईसीसी ने इससे इनकार कर दिया, इसके बाद बीसीसीआई ने तीसरा टेस्ट ना खेलने की चेतावनी दे डाली। आईसीसी ने इसके बावजूद डेनिस को हटाने से मना कर दिया।

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आईसीसी और बीसीसीआई की तकरार के बीच साउथ अफ्रीका क्रिकेट बोर्ड ने मामला सुलझाने की कोशिश की। साउथ अफ्रीका बोर्ड ने माइक डेनिस से हटने को कहा लेकिन वो माने नहीं। डेनिस के इनकार के बाद साउथ अफ्रीका बोर्ड ने मीडिया में ऐलान किया कि तीसरे टेस्ट में डेनिस की जगह डेनिस लिनसे मैच रेफरी होंगे। आईसीसी को साउथ अफ्रीका बोर्ड का ये फैसला कतई पसंद नहीं आया और उसने तीसरे टेस्ट को अमान्य घोषित करने का ऐलान कर दिया। आईसीसी ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी मेजबान देश अपनी मर्जी से आईसीसी का मैच रेफरी नहीं बदल सकता है।

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इस दौरान आईसीसी के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन होते रहे और फिर उसने बैकफुट पर आकर सचिन से बैन हटाने का फैसला कर लिया। बता दें डेनिस ने सचिन के अलावा, शिवसुंदर दास, दीप दासगुप्ता, सौरव गांगुली, वीरेंद्र सहवाग और हरभजन सिंह को भी एक-एक मैच के लिए बैन किया था। इनपर अत्याधिक अपील करने का आरोप था। गांगुली पर अपनी टीम को ठीक से ना संभालने का आरोप था। सहवाग पर मैदानी अंपायरों को गाली देने का आरोप लगा था। आईसीसी ने सहवाग के अलावा दूसरे सभी खिलाड़ियों पर लगा बैन वापस ले लिया। सहवाग की शिकायत खुद अंपायरों ने की थी इसलिए उनका बैन कायम रहा। बता दे की मास्टर ब्लास्टर सचिन ने अपनी ऑटोबायोग्राफी में बॉल टेंपरिंग मामले का जिक्र किया है।